भारत से क्रिकेट पर अड़ा पाकिस्‍तान, माकन बोले- खिलाड़ियों पर रहेगा खतरा


नई दिल्ली. भारतीय विदेश मंत्री ने पाकिस्‍तान जाकर भारतीय खिलाडि़यों के द्वारा क्रिकेट मैच खेलने की संभावना क्‍या जताई, हर कोई इसका विरोध कर रहा है। सरकार के मंत्री भी और क्रिकेट के दीवाने भी।

दैनिक भास्कर. कॉम ने पाठकों से पूछा कि क्या क्रिकेट के लिए भारतीय टीम को पाकिस्तान भेजना चाहिए? सबसे ज़्यादा 47 फीसदी पाठकों ने खिलाड़ियों की सुरक्षा को अहम मुद्दा मानते हुए कहा कि खिलाड़ियों को पाकिस्तान भेजना खतरे से खाली नहीं होगा। वहीं, 19 फीसदी पाठक यह मानते हैं कि टीम इंडिया को पाकिस्तान भेजने से दोनों देशों के संबंध बेहतर होंगे।

18 फीसदी पाठकों ने क्रिकेट कूटनीति को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि मन नहीं मिलेंगे तो खेलने से फायदा नहीं।  वहीं, 10 फीसदी ने कहा कि भारत को अपनी क्रिकेट टीम नहीं भेजनी चाहिए क्योंकि इससे राजनीति और खेल का घालमेल होगा। जबकि सिर्फ रोमांचक क्रिकेट देखने के लिए टीम को भेजने पर सबसे कम लोग सहमत हैं। सिर्फ 6 फीसदी पाठक यह मानते हैं कि मैच के रोमांच से प्रशंसकों को दूर रखना ठीक नहीं। 

केंद्रीय खेल मंत्री अजय माकन ने एक निजी चैनल से बातचीत में कहा, 'सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा है खासकर तब जब भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट से जुड़े रिश्ते की बहाली का मामला हो। लेकिन हम चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान की टीमें आपस में खेलें।'

गौरतलब है कि 26/11 के आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट संबंध टूट गए थे। लेकिन कुछ हफ्तों पहले मोहाली में विश्व कप सेमीफाइनल के दौरान भारत के प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रज़ा गिलानी के बीच मुलाकात के बाद दोनों देशों की सरकारें क्रिकेट मैच खेलने की शुरुआत करने पर गंभीरता से सोच रही हैं।

लेकिन बीसीसीआई टीम इंडिया को पाकिस्तान भेजने को लेकर ज़्यादा इच्छुक नहीं है। मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक बोर्ड के अधिकारी पाकिस्तान क्रिकेट टीम की मेजबानी करने को इच्छुक हैं, लेकिन अपनी टीम को पाकिस्तान भेजने पर उन्हें ऐतराज है। बोर्ड के एक अधिकारी के हवाले से मीडिया में आई खबर में कहा गया है कि अगर सरकार की इच्छा है तो हम पाकिस्तान क्रिकेट टीम की मेजबानी कर सकते हैं, लेकिन पाकिस्तान जाकर खेलने का तो कोई सवाल ही नहीं पैदा होता है। भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट सीरीज़ पर फैसले के लिए बोर्ड के अधिकारियों को आपस में बातचीत करनी होगी।

वहीं, मशहूर कूटनीतिज्ञ और पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त रहे जी. पार्थसारथी ने भी सुरक्षा को अहम मसला मानते हुए टीम को पाकिस्तान न भेजने की वकालत की है। वहीं, पूर्व क्रिकेटर सबा करीम भी पाकिस्तान में टीम की सुरक्षा को अहम मुद्दा मानते हैं। उनका कहना है कि ऐसे किसी भी दौरे से पहले पाकिस्तान की सरकार और क्रिकेट बोर्ड को भारत सरकार, बीसीसीआई और आईसीसी को आश्वस्त करना होगा कि वहां टीम को पूरी सुरक्षा दी जाएगी। अगर ऐसा नहीं होता है तो मुझे नहीं लगता है कि टीम को वहां भेजना चाहिए। सबा इस बात से भी इत्तफाक नहीं रखते कि क्रिकेट खेलने से दोनों देशों के रिश्ते बेहतर होंगे। उनका कहना है कि ऐसा होता हम पाकिस्तान से कई दशकों से क्रिकेट खेल रहे हैं और हमारे रिश्ते बहुत बेहतर होते।


पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का कहना है कि अगर भारत को लगता है कि पाकिस्तान में खेलना सुरक्षित नहीं है तो हम किसी तीसरे देश में मैच खेल सकते हैं। गौरतलब है कि मार्च, २००९ में पाकिस्तान दौरे पर पहुंची श्रीलंकाई क्रिकेट टीम पर हुए आतंकवादी हमले के बाद दुनिया की किसी भी टीम ने पाकिस्तान का दौरा नहीं किया है।

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